स्वामी विवेकानन्द निःशक्त स्वावलम्बन प्रोत्साहन योजना।

राज्य के दिव्यांगों को स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वालंबन प्रोत्साहन राशि देने का निर्देश राज्य नि:शक्तता आयुक्त सतीश चंद्र ने जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सभी सहायक निदेशकों को दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से दिव्यांग जनों द्वारा शिकायत प्राप्त हो रही है कि उन्हें स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वालंबन प्रोत्साहन योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
 इससे पहले उन्हें इस योजना का लाभ मिल रहा था, लेकिन लॉक डाउन के बाद वे इस योजना से वंचित है। उन्होंने कहा  कोरोना महामारी में यह प्रोत्साहन राशि नि:शक्तों के लिए वरदान साबित हो सकती है। 
उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि जिन दिव्यांगों की राशि कोई कारणों से भी रुकी हो, तो उन्हें भी फिलहाल इस योजना का लाभ दें। लॉक डाउन के बाद जो भी कागजी कार्रवाई हो, उसे पूरा किया जाए। मालूम हो कि राज्य में 14 लाख से अधिक दिव्यांग निबंधित हैं। योजना की राशि नहीं मिलने को लेकर दिव्यांगों ने सरकार से गुहार लगाई थी और इसकी शिकायत भी विभागीय पदाधिकारियों से की थी। इसके बाद विभाग ने मौजूदा हालात को देखते हुए यह निर्देश दिये हैं।

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योग्यता

  1. वह झारखण्ड राज्य का निवासी हो ।
  2. लाभानिवतों की आयु 5 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  3. वह केन्द्र अथवा राज्य सरकार की योजना के अन्तर्गत पेंशन प्राप्त नहीं कर रहा हो।
  4. निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर अधिकारों का संरक्षण एवं पूर्ण (भागीदारी) अधिनियम 1995 की धारा -2 के अन्तर्गत निर्धारित निःशक्त की परिभाषा के अनुसार निःशक्तता श्रेणी के अन्तर्गत आता हो।
  5. लाभान्वित अथवा उसके माता/पिता/अभिभावक की आय आयकर हेतु निर्धारित सीमा से अधिक नहीं हो।
  6. जिला चिकित्सा पर्षद द्वारा उसे निःशक्त प्रमाण पत्र निर्गत किया गया हो।
  7. वह केन्द्र सरकार/राज्य सरकार/केन्द्र एवं राज्य सरकारों के उपक्रमों/केन्द्रों एवं राज्य सरकार से सहायता प्राप्त संस्थाओं का सेवा कर्मी नहीं हो।

इस योजना के अन्तर्गत अर्हताप्राप्त लाभान्वितों के चयन तथा उनके नाम के अनुमोदन हेतु प्रत्येक अनुमण्डल पदाधिकारी (एस0डी0ओ0) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन निम्न रूप से किया गया है

  1. अनुमण्डल पदाधिकारी (एस0डी0ओ0) अध्यक्ष
  2. वरीय कार्यपालक दण्डाधिकारी – संयोजक
  3. बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अनुमण्डल मुख्यालय -सदस्य
  4. प्रभारी चिकित्सा अनुमण्डलीय अस्पताल – सदस्य

इस योजना के अन्तर्गत राशि के भुगतान की व्यवस्था इस तरह विकसित की जायेगी कि निःशक्तों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। कालांतर में स्थायी व्यवस्था के तहत् इस राशि का भुगतान बैंक/पोस्ट आफिस के माध्यम से किया जायेगा। नाबालिग तथा मानसिक रूप से निःशक्त व्यक्तियों के लिए राशि का भुगतान उन्हें किया जायेगा जिनपर वे आश्रित है। शेष निःशक्तों को राशि का भुगतान सीधा किया जायेगा। जबतक बैंक/पोस्ट आफिस के माध्यम से राशि के भुगतान की व्यवस्था नहीं हो जाती है तबतक प्रखण्ड स्तर पर शिविर लगाकर जिला स्तर से प्रतिनियुक्त किसी वरीय पदाधिकारी की उपस्थिति में भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी।

इस योजना के तहत अर्हताप्राप्त लाभान्वितों को इस योजना के लाभ से केवल इस आधार पर वंचित नहीं किया जा सकेगा कि वे सरकार की अन्य किसी कल्याणकारी योजना से लाभान्वित हुए हैं या हो रहे हों।

इस योजना अन्तर्गत 40 प्रतिशत या उससे ऊपर के सभी विकलांग व्यक्तियों को 200/- दो सौ रूपया) प्रति माह सहायता स्वरूप सम्मान राशि दिया जाता है। इस योजना अन्तर्गत 9455 लाभुको को लाभ दिया जा रहा है।

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